Live
Logo
Select Language
search
Navigation
अमरेली नगर पालिका चुनाव देराणी जेठानी और देवर भाभी में जंग
Gujrat Apr 13, 2026 1 min read

अमरेली नगर पालिका चुनाव देराणी जेठानी और देवर भाभी में जंग

Editorial Staff

National Hindi News

728 x 90 Header Slot

संक्षेप

गुजरात के अमरेली में होने वाले नगर पालिका चुनाव इस समय पूरे राज्य में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। इसका कारण कोई बड़ा राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवार हैं। अमरेली नगर पालिका के वार्ड नंबर 9 और वार्ड नंबर 11 में मुकाबला बहुत दिलचस्प हो गया है क्योंकि यहाँ एक ही परिवार के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। वार्ड नंबर 9 में देराणी और जेठानी के बीच सीधी टक्कर है, वहीं वार्ड नंबर 11 में देवर और भाभी चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं। यह अनोखा मुकाबला स्थानीय लोगों के बीच काफी उत्सुकता पैदा कर रहा है।

मुख्य प्रभाव

इस चुनावी मुकाबले का सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि राजनीति अब घरों के भीतर तक पहुँच गई है। अमरेली के इन दो वार्डों में होने वाली इस जंग ने स्थानीय राजनीति के समीकरण बदल दिए हैं। जहाँ आमतौर पर परिवार एक साथ मिलकर किसी एक पार्टी का समर्थन करते हैं, वहीं यहाँ विचारधारा की लड़ाई ने परिवार के सदस्यों को अलग-अलग खेमों में खड़ा कर दिया है। इससे न केवल मतदाताओं में उत्साह बढ़ा है, बल्कि राजनीतिक दलों के लिए भी यह प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी तीनों ही इन सीटों को जीतने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं।

मुख्य विवरण

क्या हुआ

अमरेली नगर पालिका चुनाव के लिए जब उम्मीदवारों के नामों की घोषणा हुई, तो वार्ड नंबर 9 और 11 की स्थिति ने सबको चौंका दिया। वार्ड नंबर 9 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जेठानी रेश्माबेन को अपना उम्मीदवार बनाया है। उनके सामने कांग्रेस ने उनकी ही देराणी काजलबेन को मैदान में उतार दिया है। इसी तरह, वार्ड नंबर 11 में भाजपा ने अपनी पुरानी उम्मीदवार संगीताबेन चावड़ा पर फिर से भरोसा जताया है, जबकि उनके खिलाफ उनके सगे देवर आम आदमी पार्टी (आप) की तरफ से चुनाव लड़ रहे हैं।

महत्वपूर्ण आंकड़े और तथ्य

चुनाव से जुड़े कुछ प्रमुख तथ्य इस प्रकार हैं:

  • वार्ड नंबर 9 में मुख्य मुकाबला भाजपा की रेश्माबेन और कांग्रेस की काजलबेन के बीच है।
  • वार्ड नंबर 11 में भाजपा की संगीताबेन चावड़ा और उनके देवर (आम आदमी पार्टी) के बीच टक्कर है।
  • संगीताबेन चावड़ा को भाजपा ने उनके पिछले कार्यों को देखते हुए दोबारा टिकट दिया है।
  • दोनों ही वार्डों में परिवार के सदस्य अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
  • उम्मीदवारों का कहना है कि यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं बल्कि सिद्धांतों की है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव हमेशा से ही बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं क्योंकि ये जमीनी स्तर पर जनता की राय को दर्शाते हैं। अमरेली एक ऐसा जिला है जहाँ राजनीति हमेशा से सक्रिय रही है। अक्सर देखा जाता है कि स्थानीय चुनावों में जाति और मोहल्ले के समीकरण काम करते हैं, लेकिन इस बार पारिवारिक रिश्तों के बीच राजनीतिक मुकाबला एक नई कहानी लिख रहा है। भाजपा अपनी विकास की राजनीति के दम पर जीत का दावा कर रही है, जबकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी स्थानीय मुद्दों और बदलाव के नाम पर वोट मांग रही हैं। एक ही घर से दो उम्मीदवारों का होना यह भी दर्शाता है कि अब लोग अपनी राजनीतिक पसंद को लेकर काफी स्वतंत्र हो गए हैं।

जनता या उद्योग की प्रतिक्रिया

स्थानीय लोग इस स्थिति को बहुत मजे लेकर देख रहे हैं। मोहल्लों और चाय की दुकानों पर बस इन्हीं मुकाबलों की चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी ऐसा नहीं देखा कि सगे रिश्तेदार एक-दूसरे के खिलाफ वोट मांग रहे हों। वहीं, उम्मीदवारों का कहना है कि भले ही वे चुनाव में एक-दूसरे के विरोधी हैं, लेकिन घर के अंदर उनके रिश्ते सामान्य हैं। वार्ड 11 के आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार ने स्पष्ट किया कि परिवार में कोई झगड़ा नहीं है, बस उनकी और उनकी भाभी की राजनीतिक सोच अलग है। मतदाताओं के लिए अब यह चुनना मुश्किल हो गया है कि वे रिश्ते को वोट दें या पार्टी को।

आगे क्या असर होगा

इस चुनाव के परिणाम बहुत दूरगामी हो सकते हैं। यदि परिवार का कोई एक सदस्य जीतता है और दूसरा हारता है, तो इसका असर उनके पारिवारिक रिश्तों पर पड़ सकता है या नहीं, यह तो समय ही बताएगा। लेकिन राजनीतिक तौर पर यह संदेश जाएगा कि अब चुनाव केवल पार्टियों की लड़ाई नहीं रह गए हैं। आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे उदाहरण देखने को मिल सकते हैं जहाँ एक ही परिवार के लोग अलग-अलग दलों से अपनी किस्मत आजमाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर लोकतंत्र और भी मजबूत होगा क्योंकि लोगों के पास एक ही परिवार के भीतर से भी अलग-अलग विकल्प मौजूद होंगे।

अंतिम विचार

अमरेली का यह चुनावी दंगल हमें सिखाता है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी विचारधारा चुनने का हक है, चाहे वह एक ही छत के नीचे क्यों न रहते हों। देराणी-जेठानी और देवर-भाभी का यह मुकाबला केवल हार-जीत का मामला नहीं है, बल्कि यह बदलती राजनीतिक चेतना का प्रतीक है। अब सबकी नजरें चुनाव के नतीजों पर टिकी हैं कि जनता विकास के वादों पर भरोसा करती है या फिर इन अनोखे रिश्तों के समीकरणों को ध्यान में रखकर अपना फैसला सुनाती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल 1: अमरेली के वार्ड नंबर 9 में किनके बीच मुकाबला है?

उत्तर: वार्ड नंबर 9 में भाजपा की रेश्माबेन (जेठानी) और कांग्रेस की काजलबेन (देराणी) के बीच सीधा मुकाबला है।

सवाल 2: वार्ड नंबर 11 में कौन से रिश्तेदार आमने-सामने हैं?

उत्तर: वार्ड नंबर 11 में भाजपा की उम्मीदवार संगीताबेन चावड़ा और उनके सगे देवर, जो आम आदमी पार्टी से हैं, चुनाव लड़ रहे हैं।

सवाल 3: क्या इन उम्मीदवारों के बीच कोई पारिवारिक विवाद है?

उत्तर: नहीं, उम्मीदवारों के अनुसार यह केवल विचारधारा की लड़ाई है और परिवार में किसी भी तरह का कोई झगड़ा या मनमुटाव नहीं है।

Share This Story

Spread the word